Monday, May 5, 2014

इन्द्रधनुष

आयुष्य के इन्द्रधनुष के रन्गो के प्रतिबिम्ब
जीवन के धवल प्रवाह को रन्ग देते जाते है
आत्म के शुद्ध कोरे पटल  पर
अपना प्रभाव बिख्ररा कर जमाते जाते है!

बचपन मे  गालो के चमकीले लाल रन्ग
मैदान की धूल से मिलकर
जीवन का पहला तत्व ज्ञान दे जाते है
धिरे धिरे वो लाल रंग स्थान देते जाते है
तरुनाई के गुलाबी मधुर  स्वप्नो को,
ये स्वप्न् आखो को लालिमा और गालो को सुर्खी देते है.

रोटी कमाने कि मेहनत के हर घण्टे
आन्खो कि लालिमा को और गहरा  करते है
गालो की सुर्खी को कालिमा तक गहराते है
माथे पे  सुख् स्वप्न् की जगह चिन्ता की लकिरे देते है
और मधुर स्वप्नो  का यथार्थ् कठोर पटल पर अङ्कित कर जाते है

जब् आयु के अन्तिम प्रहरो  का आरम्भ् होता है
सारे रन्ग धीरे धीरे हलके हो जाते है
ये प्रहर कदाचित जीवन के अन्तिम रन्ग के प्रतिक्षा मे
सारे रङ्गो का मोह त्याग जाते है
ये अन्तिम लाल, नीले और हरे रन्ग अग्नि के
एक नये  इन्द्रधनुष का निर्माण करते है